ICICI Prudential Life Insurance Policy Surrender के ये 6 नियम जरूर जान लें! जानिए कैसे करें Policy बंद?

KISHAN JHA
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 क्या आप ICICI Prudential Life Insurance से कोई Insurance Policy लिए है और अब भारी भरकम प्रीमियम से परेशान होकर अपने इंश्योरेंस पॉलिसी को Surrender (बंद) करने कि सोच रहे है। आपके इंश्योरेंस पॉलिसी को Surrende करने का कारण ये भी हो सकता है की आपको  इंश्योरेंस की प्रीमियम के मुताबिक इंश्योरेंस के बेनिफिट आपको पसंद नहीं आया हो। तो जरा रुकिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ कर आप नियम और शर्तों को समझिए। बहुत से लोग जल्दबाजी में फैसला ले लेते हैं और उनको नुकसान लग जाता है।

 


क्योंकि आपको यहां पर समझना होगा की पॉलिसी को बंद करने के लिए कंपनी के द्वारा अधिकृत रूप से जारी किए गए कौन से फॉर्म को भरना है। आपके द्वारा लिए गए इंश्योरेंस प्लान के नियम और शर्तों के अनुसार कितने समय अवधि के बाद Policy Surrender करते हैं तो आपको रिफंड मिल सकता है। आपको सभी बातों को अच्छे से समझना होगा तभी आप अपने इंश्योरेंस पॉलिसी को सही तरीके से Surrender कर पाएंगे और आपको रिफंड मिल पाएगा।

 

Policy Surrender के नियम:

 

1. Lock In Period

 

IRDAI के नियम और शर्तों के अनुसार पॉलिसी होल्डर को कम से कम 2 या 3 साल तक प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी Surrender करने पर रिफंड के लिए एलिजिबल हो सकता है। पूर्ण रूप से आपके द्वारा चयन किए गए इंश्योरेंस प्लान पर Lock In Period का समय अवधि निर्भर करता है। आपको अगर पॉलिसी डॉक्युमेंट मिला है तो उसमें आप Surrender  के नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़े। कि आपके इंश्योरेंस प्लान के लिए Lock In Period की समय अवधि न्यूनतम कितने साल के लिए रखा गया है।



2. Gross Surrender Value

 

आपके Insurance प्लान में Gross Surrender Value अगर आपका है तो आपकी Surrender वैल्यू की गणना कंपनी आपके द्वारा भरे गए कुल प्रीमियम, मिला हुआ बोनस के स्थिति के अनुसार रिफंड रकम तय करती है। इसमें रिफंड राशि कोई एक फिक्स अमाउंट आपको नहीं मिल सकता है। यह आपके Insurance प्लान और कंपनी के वर्तमान स्थिति के अनुसार तय होता है।

 

3. Special Surrender Value

 

Special Surrender Value में कंपनी आपको इंश्योरेंस प्लान लेते टाइम ही एक फिक्स राशि तय कर देती है जो आपको मिलना तय रहता है। लेकिन इसमें भी अगर आप मैच्योरिटी डेट से पहले पॉलिसी को सरेंडर करते हैं तो आपको काम रिफंड मिलता है। उसके लिए Refund का एक प्रतिशत तय की जाती है जो कि आपके इंश्योरेंस प्लान के नियम और शर्तों पर निर्भर करता है।

 

4. ULIP Policy Surrender

 

इस इंश्योरेंस में पॉलिसी सरेंडर करने के नियम कुछ और है। इसमें सोमवार से शुक्रवार पॉलिसी सरेंडर करने के लिए रिक्वेस्ट सबमिट अगर दोपहर 3:00 तक सबमिट कर देते हैं तो आपको उसी दिन का NAV मिलता है। आप अगर दोपहर के 3:00 के बाद अपनी पॉलिसी सिलेंडर का रिक्वेस्ट भेजते हैं तो NAV अगले दिन के हिसाब से आपको मिलता है।

 

5. TDS

 

Policy Surrender राशि पर Income Tax ACT Section 194DA के तहत Tax Deduction किया था सकता है।

 

6. ब्रांच में व्यक्तिगत उपस्थिति

 

ICICI Prudential Life Insurance Policy Surrender के लिए कंपनी के द्वारा यह अनिवार्य किया गया है की पॉलिसी होल्डर को ब्रांच में उपस्थिति देकर अपनी पॉलिसी को सरेंडर करना होगा। ICICI Insurance Policy को Online के माध्यम से Surrender नहीं किया जा सकता है।

 

Policy Surrender Process

 

अब समझ लेते हैं की पॉलिसी को Surrender  कैसे किया जा सकता है। पॉलिसी Surrender करने के लिए ICICI PRUDENTIAL के द्वारा अधिकृत Payout Request For Surrender Form जारी किया गया है। जिसे भरकर और डॉक्यूमेंट लगा कर आपको ब्रांच में जमा करना होता है। फॉर्म को डाउनलोड करने के लिए आपको कहीं अन्य वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं है नीचे हमने फॉर्म को डाउनलोड करने का बटन दे दिया है।

 

Form Download

 

ICICI PRUDENTIAL के द्वारा अधिकृत Payout Request For Surrender Form को डाउनलोड करने के लिए निचे Download Now का बटन दिया गया है। Download Now पर क्लिक करके फोन को डाउनलोड कर ले।


Surrender Form कैसे भरें?

 

फॉर्म भरने के लिए हम आप सभी के लिए एक वीडियो बनाया है। इस वीडियो में मैं स्टेप बाय स्टेप पूरा पढ़कर आपको समझाया है कि फॉर्म के किस ऑप्शन में आपको क्या भरना है। नीचे वीडियो दिया गया देखकर सीखिए की फॉर्म कैसे भरना है।

 

Surrender Form कैसे भरें वीडियो -


Disclaimer -

 

इस Blog पर दी गई सभी जानकारियाँ केवल सामान्य शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए हैं। हम किसी भी इंश्योरेंस कंपनी, बैंक या वित्तीय संस्था के आधिकारिक प्रतिनिधि या एजेंट नहीं हैं। पॉलिसी कैंसिलेशन, सरेंडर, क्लेम या अन्य वित्तीय नियम समय-समय पर कंपनी और IRDAI के दिशानिर्देशों के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय या पॉलिसी में बदलाव करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर नियम जांचें या अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

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